सावधानी और अवसर में तालमेल बिठाना : वाणिज्यिक बैंकिंग में एफडीआई पर आरबीआई का नया रुख
पिछले कुछ वर्षों में आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकिंग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर सतर्क रुख से हटकर व्यावहारिक, मामला-दर-मामला उदारीकरण वाला रुख अपनाया है, जिससे ज़्यादा विदेशी हिस्सेदारी की अनु...
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Sunil Mani
25 नवंबर, 2025
- दृष्टिकोण
शिक्षकों का विकास और स्कूल का प्रदर्शन- अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों से सात सबक
स्कूली शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षकों की केन्द्रीय भूमिका का महत्त्व सब जानते हैं, फिर भी गुणवत्तापूर्ण परिणामों की राह में ज़मीनी स्तर पर चुनौतियाँ आती हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के स्कूलों में हुए...
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Amarjeet Sinha
21 नवंबर, 2025
- फ़ील्ड् नोट
क्या न्यायाधीश अपने जैसे प्रतिवादियों का पक्ष लेते हैं? भारतीय न्यायालयों से साक्ष्य
दुनिया भर में होने वाले शोध अध्ययनों से पता चला है कि सत्ता में विभिन्न पदों पर बैठे लोग उन लोगों को प्राथमिकता देते हैं जिनकी सामाजिक पहचान उनसे मिलती-जुलती होती है। यह जानने के लिए कि क्या भारतीय न्...
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Elliot Ash
Samuel Asher
Aditi Bhowmick
Sandeep Bhupatiraju
Christoph Goessmann
Daniel Li Chen
Paul Novosad
13 नवंबर, 2025
- लेख
चुनावी चक्र और अपूर्ण लोक निर्माण परियोजनाएं: भारत में एमपीएलएडी योजना का विश्लेषण
सरकारों द्वारा आरंभ किए गए लोक निर्माण कार्यक्रमों का सफल निष्पादन अक्सर स्थानीय स्तर की ऐसी अनेक प्रकार की परियोजनाओं के पूर्ण होने पर निर्भर करता है जिन्हें नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व...
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Jonathan Darsey
Anjali Thomas
17 जनवरी, 2020
- लेख
प्रारंभिक जीवन और वायु प्रदूषण से संपर्क: भारत में बच्चों पर प्रभाव
भारत की आधी से ज्यादा आबादी ऐसी हवा में सांस लेती है जिसमें पीएम 2.5 की मात्रा राष्ट्रीय परिवेश वायु गुणवत्ता मानकों द्वारा तय किए गए वार्षिक सीमा से ज्यादा है। इस लेख में जियो-कोडेड जनसांख्यिकी और भा...
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Kunal Bali
Sourangsu Chowdhury
Sagnik Dey
Prachi Singh
15 जनवरी, 2020
- लेख
क्या राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन ने बिहार में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग में सुधार किया है?
बिहार सामाजिक-आर्थिक रूप से एक पिछड़ा राज्य है जिसका मातृ और बाल स्वास्थ्य सूचकों के संबंध में रिकॉर्ड लगातार खराब रहा है। यह लेख, स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय पतिदर्श सर्वेक्षणों के आंकड़ों के आधार पर इस त...
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Saswata Ghosh
Zakir Husain
10 जनवरी, 2020
- लेख
स्कूल में मूल्यवर्धन-प्रयोगशाला की बदौलत ग्रामीणों ने बनाया बगीचा
महाराष्ट्र के जिला कोल्हापुर के वालवे खुर्द में स्थित एक प्राथमिक स्कूल के छत्रों और शिक्षकों ने पर्यावरण के मुद्दे को पुस्तकों से बाहर निकाला और व्यवहारिक रुप से अपनाया। इस नोट में, शिरीष खरे ने स्कू...
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Shirish Khare
08 जनवरी, 2020
- फ़ील्ड् नोट
उनसे ज्यादा अंधा कोई और नहीं जो देखना हीं नहीं चाहते
भारत सरकार के आंकड़ों के आधार पर, भारत के अर्थशास्त्रियों ने और सरकार ने अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर दो विपरीत आख्यान स्थापित किए हैं। इस पोस्ट में, प्रणव सेन ने इस दो आख्यानों के बीच के अंतर पर प्...
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Pronab Sen
02 जनवरी, 2020
- लेख
अकालपक्वता: भारत में स्कूली शिक्षा पर जल्द माहवारी होने का प्रभाव
सामाजिक एवं सांस्कृतिक संदर्भों में, लड़कियों की माहवारी के शुरुआत का प्रतिकूल प्रभाव उनके शिक्षा पर पड़ता है। इस लेख में चर्चा की गई है कि 12 साल की उम्र से पहले माहवारी की शुरुआत के कारण स्कूल नामां...
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Madhulika Khanna
20 दिसंबर, 2019
- लेख
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: सेवा वितरण एवं पहुंच से संबंधित मुद्दे और उनमें अंतराल
यह ध्यान में रखते हुए कि 79% ग्रामीण भारतीय घरों में महिलाओं को घर के अंदर स्वास्थ्य के लिए खतरा है क्योंकि वे अभी भी खाना पकाने के लिए परंपरागत प्रदूषण फैलाने वाले ऊर्जा स्रोतों पर निर्भर हैं, प्रधान...
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Rahul Ranjan
18 दिसंबर, 2019
- दृष्टिकोण
आरसीईपी व्यापार समझौता – मौका छोड़ दिया गया?
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि भारत दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और इसके मुक्त-व्यापार भागीदारों के बीच क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (रीजनल कोंप्रिहेंसिव इकनॉमिक पार्टनर्शिप -...
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Sarthak Agrawal
Madhav Malhotra
13 दिसंबर, 2019
- दृष्टिकोण
प्रथम के साथ बैनर्जी और डुफ्लो का सफर
इस वर्ष अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी और एस्थर डुफ्लो ने 20 वर्षों से भी अधिक समयतक भारत में शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संस्थान ‘प्रथम’ के साथ कार्य किया है।सम...
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Rukmini Banerji
11 दिसंबर, 2019
- दृष्टिकोण
बार में शराब का सेवन और सार्वजनिक स्थान में महिलाओं की सुरक्षा का प्रबन्ध
बार ऐसे परिसर हैं जिनमें शराब प्रदान किया जाता हैं और सामाजिक रुप से शराब पीने के स्थान के रुप में जाने जाते हैं। 2014 में, केरल ने राज्य में शराब बेचने वाले वाले सभी बारों को बंद कर दिया। इस लेख में ...
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Saloni Khurana
Kanika Mahajan
04 दिसंबर, 2019
- लेख
युवाओं के आत्म पहचान में सहायक बनता सामाजिक उद्देश्य
‘उभरती वयस्कता’ का तात्पर्य किेशोरावास्था से युवावास्था में प्रवेश की अवस्था है, जहां उभरते वयस्क अपनी प्रामणिकता, जागरूकता, व्यक्तिगत परिभाषा और विश्व साक्षात्कार की खोज हेतु अथक प्रयासरत रहत...
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Jainetri Merchant
29 नवंबर, 2019
- फ़ील्ड् नोट
पीएमसी बैंक की असफलता से सबक
पंजाब एंड महाराष्ट्र को-औपरेटिव बैंक (पीएमसीबी) धोखाधड़ी सामने आने के बाद सितंबर में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पीएमसीबी पर प्रतिबंध लगाया था। आरबीआई ने यह कदम अपनी निगरानी और नियामक ढांचे को सुधा...
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K. Srinivasa Rao
27 नवंबर, 2019
- दृष्टिकोण




05 दिसंबर, 2025