सावधानी और अवसर में तालमेल बिठाना : वाणिज्यिक बैंकिंग में एफडीआई पर आरबीआई का नया रुख
पिछले कुछ वर्षों में आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकिंग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर सतर्क रुख से हटकर व्यावहारिक, मामला-दर-मामला उदारीकरण वाला रुख अपनाया है, जिससे ज़्यादा विदेशी हिस्सेदारी की अनु...
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Sunil Mani
25 नवंबर, 2025
- दृष्टिकोण
शिक्षकों का विकास और स्कूल का प्रदर्शन- अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों से सात सबक
स्कूली शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षकों की केन्द्रीय भूमिका का महत्त्व सब जानते हैं, फिर भी गुणवत्तापूर्ण परिणामों की राह में ज़मीनी स्तर पर चुनौतियाँ आती हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के स्कूलों में हुए...
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Amarjeet Sinha
21 नवंबर, 2025
- फ़ील्ड् नोट
क्या न्यायाधीश अपने जैसे प्रतिवादियों का पक्ष लेते हैं? भारतीय न्यायालयों से साक्ष्य
दुनिया भर में होने वाले शोध अध्ययनों से पता चला है कि सत्ता में विभिन्न पदों पर बैठे लोग उन लोगों को प्राथमिकता देते हैं जिनकी सामाजिक पहचान उनसे मिलती-जुलती होती है। यह जानने के लिए कि क्या भारतीय न्...
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Elliot Ash
Samuel Asher
Aditi Bhowmick
Sandeep Bhupatiraju
Christoph Goessmann
Daniel Li Chen
Paul Novosad
13 नवंबर, 2025
- लेख
इस साल के अर्थशास्त्र नोबेल की दास्तान
इस पोस्ट में मैत्रीश घटक इस बात पर विचार-विमर्श कर रहे हैं कि कैसे रैन्डमाइज्ड कंट्रोल ट्राइयल्स (आरसीटी; यादृच्छिकीकृत नियंत्रित परीक्षणों) को — जिसके प्रयोग की अगुआई इस वर्ष के अर्थशास्त्र में नोब...
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Maitreesh Ghatak
20 नवंबर, 2019
- दृष्टिकोण
उच्च शिक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण: सकारात्मक कार्रवाई या वोट बैंक की राजनीति?
हाल ही में मंजूर किए गए संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019, में सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान ल...
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Devika Malhotra Sharma
14 नवंबर, 2019
- दृष्टिकोण
बैंकिंग संकट का भारत की अर्थव्यवस्था पर असर
पिछले पांच वर्षों में, भारतीयों बैंकों के नॉन पर्फॉर्मिंग एसेट (एनपीए) अर्थात डूबे हुए कर्ज की रकम में काफी वृद्धि हुई है। इन नॉन पर्फॉर्मिंग एसेट के साथ निवेश वृद्धि दर में भी तेज गिरावट दर्ज की गयी ...
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Rajeswari Sengupta
Harsh Vardhan
11 नवंबर, 2019
- दृष्टिकोण
दक्षिण भारत के ग्रामीण इलाकों में नीतिगत झटकों से निपटना: विश्वसनीयता के निर्धारक तत्व के रूप में सामाजिक नेटवर्क
सामाजिक नेटवर्क में विश्वसनीयता एवं भागीदारी एक दूसरे से अंतरनिहित रूप से परस्पर संबंधित हैं। यह आलेख दक्षिण भारत के ग्रामीण इलाकों में विश्वसनीयता के निर्धारक तत्वों को चिह्नित करता है, जहां विश्...
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Anne Hilger
Christophe Jalil Nordman
06 नवंबर, 2019
- लेख
क्या कम खर्च और विकल्प देकर गोवा को प्लास्टिक-मुक्त बनाया जा सकता है
प्लास्टिक-प्रदूषण से बिगड़ते हालात को देखकर समुद्री विशेषज्ञों को आशंका है कि वर्ष 2050 तक समुद्र में मछलियों से अधिक प्लास्टिक होगा। इस फील्ड नोट में शिशिर खरे ने गोवा में हो रहे प्लास्टिक-प्रदूषण के ...
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Shirish Khare
31 अक्टूबर, 2019
- फ़ील्ड् नोट
आरटीई के 25% के अधिदेश के तहत विद्यालय के विकल्पों को समझना
शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 12 (1) (सी) के तहत गैर-अल्पसंख्यक दर्जे के निजी विद्यालयों द्वारा समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के लिए कम से कम 25% सीट आरक्षित किया जाना अनिवार्य है। यह लेख अहमदाबाद ...
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Ambrish Dongre
Ankur Sarin
Karan Singhal
29 अक्टूबर, 2019
- लेख
स्वच्छ भारत मिशन से क्या बदलाव नहीं आए
महात्मा गांधी की 150वीं जयंती और स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) की 5वीं वर्षगांठ पर, कॉफ़ी और स्पीयर्स ने अपने एक फील्ड सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर चर्चा की है। यह सर्वेक्षण पिछले पांच वर्षों में ग्रामीण उत...
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Diane Coffey
Dean Spears
24 अक्टूबर, 2019
- दृष्टिकोण
सरकारी योजनाओं के लिए आधार...कितना निराधार?
कल्याणकारी योजनाओं और नकदी हस्तांतरण (ट्रांस्फर) को आधार भुगतान प्रणालियों से जोड़ने के लिए बैंक खातों को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया के कारण जमीनी स्तर पर काफी अव्यवस्था हुई। इस नोट में, निकलस वैग्न...
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Sakina Dhorajiwala
Niklas Wagner
17 अक्टूबर, 2019
- फ़ील्ड् नोट
सस्ते घर की योजनाओं के घरेलू स्तर परप्रभाव: मुंबई से प्रमाण
भारत के सभी प्रमुख शहरों में निम्न-मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए सब्सिडी वाले घरों की बिक्री से जुड़े कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इस लेख में मुंबई में लॉटरी के माध्यम से कार्यान्वित एक ऐसे कार्यक्रम के...
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Tanu Kumar
09 अक्टूबर, 2019
- लेख
शौचालय तक पहुँच और महिलाओं की सार्वजनिक सुरक्षा
भारत सरकार ने 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ किया था। इस कार्यक्रम का लक्ष्य ग्रामीण भारत में शौचालय युक्त घरों का अनुपात वर्ष 2019 तक 38.8% से बढ़ाकर 100% करने का था। महाजन और सेखरी ...
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Kanika Mahajan
Sheetal Sekhri
02 अक्टूबर, 2019
- लेख
क्या राजनेताओं को अदालतों में विशेष ख्याल मिलता है?
क्या लंबित आपराधिक मामलों में विधानसभाओं के सदस्यों (विधायकों) को भारतीय कानूनी प्रणाली में विशेष ख्याल मिलता है? यह अनुच्छेद राज्य के सत्ताधारी दल के साथ राजनीतिक संरेखण के आधार पर, पद हासिल करने के ...
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Rubén Poblete-Cazenave
27 सितंबर, 2019
- लेख
क्या भारतीय मतदाताओं को अपने प्रतिनिधियों के कार्यालय में रहते हुए उनकी संपत्ति में वृद्धि होता देख फर्क पड़ता है?
राजनेताओं के लिए वित्तीय सूचनाओं की जानकारी देने की आवश्यकता के तहत अपनी परिसंपत्तियों की घोषणाएं करना पूरी दुनिया में आम बात होती जा रही है। भारत में वित्तीय घोषणाएं राजनीतिक पद के लिए उम्मीदवारी की ...
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Simon Chauchard
S.P. Harish
Marko Klašnja
18 सितंबर, 2019
- लेख




05 दिसंबर, 2025