सावधानी और अवसर में तालमेल बिठाना : वाणिज्यिक बैंकिंग में एफडीआई पर आरबीआई का नया रुख
पिछले कुछ वर्षों में आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकिंग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर सतर्क रुख से हटकर व्यावहारिक, मामला-दर-मामला उदारीकरण वाला रुख अपनाया है, जिससे ज़्यादा विदेशी हिस्सेदारी की अनु...
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Sunil Mani
25 नवंबर, 2025
- दृष्टिकोण
शिक्षकों का विकास और स्कूल का प्रदर्शन- अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों से सात सबक
स्कूली शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षकों की केन्द्रीय भूमिका का महत्त्व सब जानते हैं, फिर भी गुणवत्तापूर्ण परिणामों की राह में ज़मीनी स्तर पर चुनौतियाँ आती हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के स्कूलों में हुए...
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Amarjeet Sinha
21 नवंबर, 2025
- फ़ील्ड् नोट
क्या न्यायाधीश अपने जैसे प्रतिवादियों का पक्ष लेते हैं? भारतीय न्यायालयों से साक्ष्य
दुनिया भर में होने वाले शोध अध्ययनों से पता चला है कि सत्ता में विभिन्न पदों पर बैठे लोग उन लोगों को प्राथमिकता देते हैं जिनकी सामाजिक पहचान उनसे मिलती-जुलती होती है। यह जानने के लिए कि क्या भारतीय न्...
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Elliot Ash
Samuel Asher
Aditi Bhowmick
Sandeep Bhupatiraju
Christoph Goessmann
Daniel Li Chen
Paul Novosad
13 नवंबर, 2025
- लेख
भारत में पर्यावरणीय क्षरण में सुधार लाने में नियामक नवाचार की भूमिका
येल पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक की 180 देशों की सूची में भारत अंतिम स्थान पर है। अनंत सुदर्शन भारत में पर्यावरणीय क्षरण के व्यापक आर्थिक और विकासात्मक प्रभावों की जांच करते हैं। इस विषय पर उपलब्ध साहित्...
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Anant Sudarshan
30 जून, 2022
- दृष्टिकोण
उच्च वर्ग में विवाह (हाइपरगैमी) का अभाव और घरेलू हिंसा
उच्च वर्ग में विवाह (हाइपरगैमी) के अभाव - जब पत्नी की आर्थिक स्थिति उसके पति के बराबर या अधिक होती है, में क्या घरेलू हिंसा में वृद्धि होती है या कमी आती है, इसके बारे में प्राथमिक रूप से अस्पष्टता है...
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Gaurav Dhamija
Punarjit Roychowdhury
23 जून, 2022
- लेख
डिजिटल सपना: भारत को भविष्य के लिए कौशल-निपुण बनाना
कोविड-19 महामारी ने हमारे जीवन में आम होती जा रही प्रौद्योगिकी की गति को तेज कर दिया है, इसने एक बड़े डिजिटल विभाजन को भी उजागर किया है, जिससे भारत की आबादी का एक बड़ा हिस्सा इस प्रतिमान बदलाव से बाहर...
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Venugopal Mothkoor
Fatima Mumtaz
16 जून, 2022
- दृष्टिकोण
जलवायु संबंधी अपने लक्ष्यों को पूरा करने में भारत की प्रगति
जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के तहत भारत का लक्ष्य ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की तीव्रता को वर्ष 2005 के स्तर से वर्ष 2030 तक 33-35% तक कम करना है। मनीषा जैन ने ‘आइडियाज फॉर इंडिया’ में प्रकाशित अपने प...
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Manisha Jain
05 जून, 2022
- लेख
भारतीय विनिर्माण उद्योग में हिंदू-मुस्लिम एकता और फर्म का उत्पादन- एक क्षेत्र प्रयोग से साक्ष्य
उपलब्ध प्रमाण दर्शाते हैं कि खराब सामाजिक संबंधों और श्रमिकों में पसंद-आधारित भेदभाव के चलते जातिगत विविधता फर्म के उत्पादन को कम कर सकती है। यह लेख, पश्चिम बंगाल के एक विनिर्माण संयंत्र में किये गए ए...
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Arkadev Ghosh
31 मई, 2022
- लेख
क्या वित्तीय पहुंच से भारतीय अनौपचारिक क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा मिल सकता है?
विकासशील देशों में साख बाजारों की व्यापक विफलता के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुई साख संबंधी बाधाओं को व्यापक रूप से उद्यमिता के लिए एक प्रमुख बाधा के रूप में माना गया है। यह लेख वर्ष 2010-11 और 2015-16 के ...
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Ira N. Gang
Rajesh Raj S.N.
Kunal Sen
26 मई, 2022
- लेख
अंतर्निहित प्रयोगों में जोखिम
शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं द्वारा एक टीम के रूप में किये जा रहे 'अंतर्निहित प्रयोगों' में रुचि बढ़ रही है। क्षमता के पैमाने के अलावा,इन प्रयोगों का मुख्य आकर्षण किये गए शोध को शीघ्र ही नीति में पर...
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Jean Drèze
19 मई, 2022
- दृष्टिकोण
सामाजिक-धार्मिक समूहों के भीतर व्याप्त जातिगत असमानताएँ: उत्तर प्रदेश से साक्ष्य प्रमाण
मंडल आयोग और सचर समिति की रिपोर्ट में चार प्रमुख जाति समूहों के भीतर जातिगत असमानताओं के अस्तित्व को दर्शाया गया है। हालाँकि, इस विषय पर सीमित डेटा ही उपलब्ध है। यह लेख उत्तर प्रदेश में वर्ष 2014-2015...
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Srinivas Goli
Chhavi Tiwari
13 मई, 2022
- लेख
क्या स्कूल प्रबंधन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढाने से स्कूल की गुणवत्ता में सुधार होता है?
वर्ष 2009 में लागू किये गए शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) ने सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्कूलों में जवाबदेही में सुधार लाने हेतु सार्वजनिक और निजी सहायता-प्राप्त स्कूलों को स्कूल प्रबंधन समितिय...
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Chandan Jain
Bharti Nandwani
05 मई, 2022
- लेख
बिजली की कटौती को कम करने हेतु बिजली संयंत्रों की प्रोत्साहन राशि निश्चित करना
भारत में अपेक्षाकृत उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे और बिजली संयंत्रों की पर्याप्त आपूर्ति के बावजूद, उपभोक्ताओं को लगातार बिजली की कटौती का सामना करना पड़ता है। यह लेख भारत में ब्लैकआउट के सन्दर्भ ...
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Fiona Burlig
Akshaya Jha
Louis Preonas
26 अप्रैल, 2022
- लेख
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) का स्वास्थ्य सेवा के उपयोग और खर्च को कैसे प्रभावित किया
सामाजिक स्वास्थ्य बीमा का उद्देश्य गरीबों को उनके स्वास्थ्य पर होने वाले अत्यधिक खर्च से बचाना और उन्हें स्वास्थ्य सेवा के अधिकाधिक उपयोग हेतु प्रोत्साहित करना है। इस लेख में, वर्ष 2004-05 और वर्ष 201...
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Souvik Dutta
Subhasree Sarkar
21 अप्रैल, 2022
- लेख
हिमाचल की शहरी रोजगार गारंटी योजना की जांच
भारत में अर्थशास्त्रियों द्वारा शहरी रोजगार कार्यक्रम की आवश्यकता के बारे में दिए गए सुझावों के बावजूद, इस संबंध में राष्ट्रीय स्तर की नीति के अमल में आने में कुछ और समय लगेगा। हालांकि, कुछ राज्यों ने...
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Krishna Priya Choragudi
13 अप्रैल, 2022
- फ़ील्ड् नोट




05 दिसंबर, 2025